हेल्पलाइन 1930 की पूरी कार्यप्रणाली का किया निरीक्षण,साइबर अपराध पर शिकंजा कसने को लेकर मुख्यमंत्री के निर्देश,साइबर ठगों और उनकी संपत्तियों पर की जाए कड़ी कार्रवाई,बैंक खाता उपलब्ध करवाने वालों को भी करें दण्डित,साइबर अपराधों के विरुद्ध आमजन में बढ़ाएं जागरुकता
18 जुलाई 2026, 09:24 PM

जयपुर, 18 जुलाई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय में R4C (राजस्थान साइबर क्राइम कन्ट्रोल सेंटर) और उसके तहत संचालित हेल्पलाइन 1930 का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में साइबर अपराधों के विरूद्ध की जा रही प्रभावी कार्रवाई का फीडबैक लेकर साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए।
उन्होंने पुलिस के उच्च अधिकारियों की बैठक लेकर सोशल मीडिया सहित अन्य मीडिया replica Rolex watches माध्यमों के जरिए साइबर अपराधों के विरुद्ध आमजन में जागरुकता बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही, कहा कि स्कूलों एवं कॉलेजों में भी विशेष जागरुकता अभियान चलाए जाएं। उन्होंने बैंकिंग संस्थानों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर साइबर अपराधियों के बैंक खाते तुरंत ब्लॉक करवाने तथा आधुनिक तकनीक एवं डेटा विश्ल़ेषण का उपयोग कर त्वरित कार्रवाई से साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने साइबर ठगों की गिरफ्तारी के साथ ही उनकी संपत्तियों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने की शिकायतकर्ता से बातचीत
मुख्यमंत्री ने 1930 हेल्पलाइन के निरीक्षण के दौरान बाड़मेर से आए कॉल पर शिकायतकर्ता भैराराम से बातचीत की तथा इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स बढ़ाने को लेकर उसके साथ हुई साइबर धोखाधड़ी की पूरी जानकारी ली। इस संबंध में उन्होंने हेल्पलाइन द्वारा कंप्लेंट दर्ज करने से लेकर संबंधित थाने और बैंक में इसकी दी जाने वाली जानकारी की पूरी कार्यप्रणाली को देखा। उन्होंने साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर के लाइव डेशबोर्ड और ट्रैकिंग सिस्टम का भी अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराध की रोकथाम के लिए राज्य सरकार निरंतर काम कर रही है। इसी क्रम में, उन्होंने R4C के लिए नया भवन उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम में अपना बैंक खाता उपलब्ध करवाने वाले लोगों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हेल्पलाइन 1930 पर लगभग 95 प्रतिशत शिकायतें समय पर दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। पहले 30 लाइनों पर शिकायतें सुनी जा रही थी। अब इसे विस्तार देते हुए 53 लाइनें कर दी गई हैं तथा इस हेल्पलाइन को तीन पारियों में संचालित किया जा रहा है। शीघ्र ही, हेल्पलाइन में 60 लाइनों की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे हर पीड़ित की शिकायत समय पर सुनी जा सके।
जून 2026 में कॉल टेकर लाइन, रिप्लाई प्रतिशत (टीसीएस एवं एनसीआरपी) में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। वहीं, पांच Rolex replica watches लाख से अधिक की साइबर धोखाधड़ी पर 412 ई-जीरो एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। गृह मंत्रालय द्वारा डिजिटल सुरक्षा एवं अनुसंधान के लिए वर्ष 2026 में 54 पुलिस कार्मिकों को प्रशिक्षण के लिए चयनित किया गया है।
इसी प्रकार, साइबर अपराधों के विरुद्ध ऑपरेशन वज्र प्रहार, ऑपरेशन साइबर शील्ड, ऑपरेशन एन्टी वायरस, ऑपरेशन म्यूल हंटर जैसे विशेष अभियानों को चलाकर अपराधियों की गिरफ्तारी, पीड़ितों को रिफंड, सिम व आईएमईआई ब्लॉक करने की कार्रवाई की गई हैं।
21 जुलाई को होगी एसएलबीसी की बैठक—
मुख्यमंत्री के निर्देशों की अनुपालना में बैंक और साइबर पुलिस के बीच बेहतर समन्वय के लिए 21 जुलाई को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में स्पेशल स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) की बैठक भी बुलाई गई है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान में साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के Omega replica watches लिए बजट 2026-27 में राजस्थान साइबर क्राइम कन्ट्रोल सेंटर (R4C) की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। मुख्यमंत्री के इस महत्वपूर्ण निर्णय से पुलिस मुख्यालय में R4C का संचालन किया जा रहा है। साथ ही, अत्याधुनिक एआई-एनेबल्ड 1930 साइबर अपराध हेल्पलाइन कॉल सेंटर की स्थापना की प्रक्रिया भी तीव्र गति से जारी है।
मुख्यमंत्री ने आमजन से अपील की है कि साइबर अपराध होने पर 1930 हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत दर्ज करवाएं, जिससे गोल्डन आवर्स में ही प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, मुख्यमंत्री कार्यालय, गृह विभाग सहित पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।


